Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen : गुर्जर को काबू कैसे करे : How To Control On Gurjat

By | June 18, 2021

Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen

Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen ( गुर्जर को काबू में कैसे करे ) ओय चूजे !! यदि तेरे ख्याल और दिमाग में भी गुर्जर को काबू में करने का ख्याल है तो उस ख्याल को तू अपने आप समजकर ख्याल और दिमांग से जल्द ही निकल फेक | क्यों की Gujjar Ko Vash Me Karna तेरे बस की बात नहीं है | तुजसे ये काम इस जन्म में तो क्या पुरे सात सात जन्मो तक नहीं हो पायेगा |

में तुजे मुफ्त में एक सलाह देता हु तू उसे समज जाना वर्ना उसका परिणाम बहोत बुरा होगा | यदि तू गूगल पर खोज रहा है की Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen और ये तरीके खोजते समय किसी गुज्जर ने देख लिए तो वो तेरी हड्डी पसली एक कर देंगा और तू खोज करने लायक तो क्या ये दुनिया की खोज से निकल जायेगा | इसलिए में तुजे बता रहा हु की मेरी सलाह मान और गूगल पर ये उलटे सीधी हरकते करना बंद कर वर्ना किसी दिन तेरा नाम तेरे राशन कार्ड से गूम हो जायेगा |

तो भाईलोग यदि तूने गूगल पे खोज ही लिया है की Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen तो अपने आसपास का वातावरण का भी ख्याल रखे यदि तेरे महोल्ले में गुज्जर लोगो की बस्ती है तो इस खोज का परिणाम बुरा आने की शक्यता बहोत है | जन हित में जारी……….

Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen

‘जब मन हुआ इस कातिल दुनिया पे राज करने का,
तो ना गोली चलेगी ना तलवार,
  हमारी जूत्ती  के निशान देखकर लोग कहेंगे,
ये  गुज्जरों का साम्राज्य हैं’
*।। जय माँ भवानी।।*

Gurjar Ko Kabu Kaise Kare

हमने देखा है जब से जिओ का सिम आया है तब से 2 पैसे के लोग जिसको देख के कुत्ते भी भौकने लगते है और पीछे पद जाते है वो लोग भी मुफ्त में इंटरनेट मिलने से गूगल पर सर्च उलटी सीधी हरकते करते रहते है | कोई खोजता है की राजपूत को काबू में कैसे करे?, कोई खोजता है की पाटिल को अपने वश में कैसे करे?, तो कोई खोजता है गुज्जर को काबू में कैसे करे ? अरे भाई राजपूत,पाटिल,गुज्जर कोई हलवा है क्या जो तेरे काबू में हो जायेगा | भाई तू पहले इन लोगो और समुदायों का इतिहास तो देखले की ये लोग है |

में इन जेसे लोगो को एक मुफ्त में सलाह दूंगा की ये सब जल्द ही छोड़ दे वर्ना तेरा नाम न्यूज़ पेपर में आएगा और लिखा होंगा की राजपूत,पाटिल और गुज्जर को काबू करने गए 2 पैसे का आदमी का रेप हो गया || तिन लोगो ने एसा पटका एसा पटका की हगने लायक भी नहीं रहा | और हां तेरे लिए एक दूसरी सलाह है की ये किसी को काबू में करना तो तुजसे नहीं हो पायेगा परन्तु गुजरात सरकार गरीब लोगो को 100 चोरस वार का प्लाट मुफ्त में बाट रही है उसमे आवेदन कर और पंडित दीनदयाल आवास योजना के तहत घर बना और उसमे दुबक के बैठ जा |

Gurjar Ko Kabu Kaise Kare

‘जब हम मचलते हैं तो, तूफ़ान मचल जाते हैं.
जब गुज्जर बदलते हैं तो, इतिहास बदल जाते हैं.’

Gurjar Ko Kaise Kabu Karen

हम किसी भी समाज के लोगो को ठेस पहुचना नहीं चाहता और मेरी किसी भी समाज से दुश्मनी भी नहीं है | परन्तु इस आर्टिकल के जरिये सबको एक बात बताना चाहूँगा की सभी समाज के समुदाय में सब लोग एक जैसे नहीं होते है 99.99% समुदाय के लगो अच्छी राह पर चलने वाले जोते है और अपने काम से काम रखते है और महेनत करके अपना और परिवार का जीवन निर्वाह कर रहे होते हुई |

परन्तु इन समुदायों में एक-दो लोग इसे भी लोग होते है जिसकी वजह से पूरा समुदाय का नाम ख़राब होता है | वो लोग महेनत करने की वजय दुसरे समुदाय के और अपने ही समुदाय के अच्छे लोगो को परेशान करते है और समाज और समुदाय को कलंकित करते है | इसलिए इन जैसे लोगो को काबू में करना जरुरी हो जाता है | चाहे फिर वो किसी भी समुदाय का क्यों न हो | इसलिए हम आपको इन जैसे सिर्फ Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen वो बताएँगे |

क्युकी यदि उस 1-2 बुरे लोगो को अभी शुरुआत से काबू और वश में नहीं किया तो वो लोग आगे जाकर पुरे समुदाय के लिए एक कलंक बन सकते है | और पुरे समुदाय को कलंकित कर सकते है |

ये भी पढ़े : राजपूत को काबू में कैसे करे..

Gujjar Ko Vash Mein Karne Ke Tarike

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से Gurjar Ko Kabu Kaise Karen वो कुछ तरीके बताएँगे जो सिर्फ बुरे लोगो पर ही लागु होंगे |

  • उससे बहस न करे |
  • वो छोटी छोटी बात पर आपसे विवादों पर आ जायेगा परन्तु आपको मौन रहना है |
  • यदि वो ज्यादा आपसे बतमीजी करता है तो आपको यह बात अपने समुदाय के बड़े लोगो को बतानी है |
  • यदि फिर भी न समजे तो आपसे की हुयी बतमीजी का विडियो बना लेना है |
  • वीडियो बनाकर वीडियो के आधार पर नजदीकी पुलिस स्टेशन में उस व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज करवानी होगी |
  • यदि पुलिस से भी न मने तो बस आपको भी उसके जैसा बन जाना है और उसे पिट देना है | ( जैसी करनी वैसी भरनी )

गुज्जर को काबू कैसे करे 

किसी भी व्यक्ति को काबू करने से पहले आपको उसे काबू क्यों करना है वो आपको पता होना जरुरी है | सभी गुर्जर ख़राब व्यक्ति नहीं होते लेकिन जो व्यक्ति बुरा है और आपको बिना बात परेशान कर रहा है और आप गूगल में खोज रहे है की  Gurjar Ko Kabu Kaise Karen तो हमने गुर्जर को काबू करने के तरीके ऊपर बताये है | इन तरीको का उपयोग करके आप किसी भी Gurjar Ko Kabu Me Kar शकते हो |

दिल्ल का दरबार हो या GOVERNMENT की सरकार,
हमको कोई फर्क नहीं पड़ता
क्योंकि हम उस राजघराने में पैदा हुए हैं
जहाँ हमारा नाम सुनकर बंदूके भी रिवर्स फायर ठोक देती हैं

Gurjar Ko Kabu Kaise Karen

हम आपको बतादे की यदि पुरे गुर्जर समुदाय को अपने वश में करना चाहते है और आप गूगल की मदद से ये Gurjar Ko Kabu Mein Kaise Karte Hain खोज रहे है तो हमारे इस आर्टिकल से अच्छी जानकारी शायद दुसरे किसी वेबसाईट पर नहीं मिलेगी | हमने इस आर्टिकल में Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen वो विस्तृत में बताया है | और ये आर्टिकल में दी हुयी जानकारी पढ़कर Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen उसमे आसानी होगी |

ये भी पढ़े : पाटिल को अपने वश में कैसे करे..

Gurjar Ko Kabu Mein Kaise Karte Hain

गुर्जर को काबू करने के लिए आपने हमने ऊपर बताये हुए सभी तरीको को आजमा लिया है फिर भी वो काबू और वश में नहीं हो रहे है तो आप को भी उसके जैसा ही होना पड़ेगा और अगली बार आपसे जब भी वो बतमीजी करे आपको उसे पिट देना है और पिटते पिटते बाजार में घसीटते हुए ले जाता है | उसकी उतनी बेइज़त्ति करनी है की उसे बाज़ार में निकलने में भी शर्म आये | जब आप एसा करोगे तभी वो बुरा व्यक्ति आपके काबू में आएगा और आपसे कभी बतमीजी नहीं करेगा |

गुर्जर समुदाय के लोगो की खासियत

  • गुर्जर लोग बहोत ही अच्छे और सुशिल होते है |
  • गुर्जर लोग सब समुदाय में मिलजुलकर रहने वाले होते है |
  • गुर्जर लोग बहित ही साहसी होते है |
  • गुर्जर लोग जो लोग उनके साथ बुरा बर्ताव करता है उन्हें एक बार माफ़ कर देते है परन्तु दूसरी बार बुरा बर्ताव करने पर उसे पिट देते है |
  • गुर्जर समुदाय का एक अच्छा इतिहास है |
  • गुर्जर लोग एक बार वचन देते है तो उनको जरुर निभाते है | वो अपने वचन से मुकरते नहीं है |
  • गुर्जर लोगो ने भारत देश को आज़ाद करवाने में अच्छा अनुदान दिया हुआ है |
  • गुर्जर समुदाय के लोगो के कुच्छ वीर एशे हुए जिनकी गाथा अभी तक गई जाती है |

History Of Gurjar

विद्वानों के अनुसार गुर्जर सब्द सुध्ध शंस्कृत शब्द है | जिसका अर्थ होता है शत्रु का नाश करने वाला यानि की शत्रु विनाशक | गुर्जर समुदाय को गुज्जर,गुर्जर, गज्जर जैसे नामो से जाना जाता है | प्राचीन काल में गुर्जर लोग युद्ध में बहोत ही निपुण थे | गुर्जर अच्छे योधा भी जाने जाते थे और इसलिए भारतीय सेना में इन लोगो की अच्छी खासी तादात है | गुर्जर लोग का मुख्य व्यवसाय खेती और पशुपालन है | कहा जाता है की गुर्जर उप महाद्वीप का एक जातीय समूह है | गुर्जर लोग खास तौर पर उतर भारत , पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में बसे हुए है |

राजस्थान राज्य में गुर्जरो की तादात सबसे ज्यादा है | भारत में गुज्जर सभी राज्यों में पाए जाते है | राजस्थान में सरे गुज्जर हिन्दू है |

काफी सुर्कियो में रहने वाले गुज्जर समाज का इस्तिहस काफी पुराना गौरवशाली और रोचक है | गुज्जर अभी लेख के मुताबिक ये सुर्यवंश, रघु वंश से सबंध रखते है |सातवी से दसवी सताब्दी के गुज्जर सिलालेखो पर सूर्यदेव की कलाकृतिय भी इनके सूर्यवंशी होने का पृष्टि करते है | युद्ध कला में बहोत ही निपुण ये ज्यादातर लोग खेती में जुटे हुए है | इतिहास में कई इसे किस्से है जिसे गुज्जर को एक अच्छा योध्धा कहा गया है |

जानकारों के मुताबित गुर्जर मध्य एशिया के आर्मेनिया और जोर्जिया से आये थे | ये आर्य नहीं थे | आने के बाद वो अपने निपुण युद्ध कला से अपना साम्राज्य बनाना शुरू किया |BBC के एक रिपोर्ट के अनुसार सातवी से बार्वी सदी तक गुज्जरो ने कही जगह अपनि सता हासिल कर ली थी | आपने गुर्जर प्रतिहार वंश का नाम तो सुना ही होगा | जिसकी सता बिहार, यूपी से लेकर महारास्त्र और गुजरात तक फैली थी |

बारवि सदी में इसका सासन कही हिस्सों में बटने के कारण बिखरता गया | बाद में गुर्जरों के अलग अलग कबीले बन गए | इनकी सोलंकी प्रतिहार जाती राजपूतो से मिल गयी | फ़िलहाल भारत में इस समुदाय की अच्छी खासी तादात है | पाकिस्तान में गुजरान वाला , फैसलाबाद, और लाहोर के आसपास इनकी आबादी है | अपनी जाती और समुदाय से ये काफी प्यार करते है और उसे जाहिर करने से भी पीछे नहीं हटते है | इनका इतिहास जानकर भी Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen वो ख्याल मनसे निकल जायेगा |

गुर्जर समुदाय जो न केवल भारत में बल्कि पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, ईरान और रासिया जैसे देशों में भी बसता है। हालांकि विभिन्न देशों में “गुर्जर” शब्द को अलग तरह से जाना जाता है, लेकिन फिर भी यह पूरी तरह से नहीं बदला है। “गुर्जर”, “गोजर”, “गोरजर”, “गोडर” और कोचर या “गोरज” आदि। इतिहासकारों की अपनी उत्पत्ति और उनके भारत आने के बारे में अलग-अलग राय है।

कुछ इतिहासकारों का मत है कि वे स्वयं भारत के निवासी थे। बहुत पहले जबकि अन्य लोग कहते थे कि वे मध्य एशिया से भारत चले गए थे। यह भी कहा जाता है कि शायद वे 5 वीं या 6 वीं शताब्दी के दौरान भारतीय हरित क्षेत्र में बस गए होंगे। इतिहासकार जो उन्हें भारत के आदिवासियों के रूप में लेते हैं, कहते हैं कि तीनों संप्रदाय क्षत्रिय-सूरज वंशी, चंद्र वंशी और यादव वंशी ने महाभारत के युद्ध के बाद गुर्जरों के साथ गठबंधन किया था। महाभारत युद्ध से पहले, क्षत्रिय एकमात्र शासक हुआ करते थे, लेकिन युद्ध के बाद उनकी शक्ति और प्रभाव में काफी गिरावट आई।

कुछ क्षत्रियों के साथ भगवान कृष्ण जी, जो महाभारत युद्ध से बच गए और मथुरा को छोड़ पश्चिम की ओर द्वारिका चले गए। प्राचीन क्षत्रिय वंश भगवान कृष्ण के आसपास पनपे थे, जिन्होंने उन्हें एक वर्ग में एकजुट किया और इसे “गुर्जर” और उनके सरकार का नाम दिया। “गुजरत” के नाम से जाना जाता है जिसकी पहली राजधानी द्वारिका में स्थापित की गई थी।

बनारस के प्रसिद्ध संस्कृत पंडित पंडित वासुदेव प्रसाद ने प्राचीन संस्कृत साहित्य के माध्यम से सिद्ध किया है कि “गुर्जर” शब्द प्राचीनकाल के नाम के बाद बोला जाता था, क्षत्रिय एक अन्य संस्कृत विद्वान रधाकांत, का मानना ​​है कि गुज्जर शब्द क्षत्रियों के लिए था। वैज्ञानिक प्रमाणों से यह भी साबित हुआ है कि गुर्जर आर्यों से संबंधित हैं।

भारत के बाहर के मुसलमानों के आगमन से पहले, उनके संस्कृत इतिहास और बोली से पता चलता है कि वे गुर्जर थे। इतना कि अरब आक्रमणकारियों ने भी अपने लेखन में उन्हें गुर्जरों के रूप में नामित किया।

भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार बैज नाथ पुरी ने अपनी पुस्तक j गुर्जरों और प्रतिहारों का इतिहास ’और एक अन्य इतिहासकार श्री के.एम.मुनिशी ने अपनी पुस्तक that द गिवट दैट गुर्जर देश’ में राणा अली हसन चौहान को अपनी पुस्तक i द। गुर्जरों का इतिहास, श्री जतिदार कुमार वर्मा ने ऐतिहासिक अभिलेखों के माध्यम से अपनी पुस्तक “गुर्जर इतिहस” में, यह पूरी तरह से साबित किया है कि वे आर्य वंश के थे और उन्होंने मना कर दिया था कि वे भारत से बाहर आ गए हैं और यहाँ बस गए हैं।

78 ई। में उन्होंने दो राजवंशों के दो शासन स्थापित किए जो नागर और कुषाण के थे, जिनमें से एक ने पटना पर शासन किया था, जिसमें बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उटेर प्रदेश और मध्य भारत के आर्य वर्ता शामिल थे। यह नागारों के गुर्जर वंश द्वारा शासित था। जिसका प्रमुख महाराजा सभा नगर था। उनका दूसरा साम्राज्य पेशावर का था, जो जमुना और अफ़गानिस्तान नदी तक फैला हुआ था।

इस राज्य पर कुषाण गुर्जरों के वंश का शासन था, जिनके राजा कनिष्क थे। शासकों के एक बयान से पता चलता है कि कुशों ने सतलज के क्षेत्र का नाम गुजरात रखा था। राजा कनिष्क ने सुभाषो नगर पर शासन किया, आर्यावर्त अपने चरम पर था। इन राज्यों ने यूरोप तक अपना व्यापार फैलाया था।

सम्राट कनिष्क का गुर्जर शासनकाल मध्य एशिया तक फैल गया था, जिसके परिणामस्वरूप गुर्जर इन दिनों अफगानिस्तान, रूस और ईरान में भी देखे जा सकते थे। ऐसा माना जाता है कि सम्राट कनिष्क ने अपनी राजधानी कश्मीर में स्थापित की थी। यह कहना गलत है कि कश्मीर की वर्तमान क्षेत्रीय सीमाएँ सही हैं, बल्कि यह आज की तुलना में कहीं अधिक विस्तृत थी। उन दिनों के बहादुर राजाओं ने काबुल और कंधार जैसे देशों को अपने अधीन कर लिया था। सम्राट कनिष्क ने 78 से 130 शताब्दियों के बीच शासन किया था। गुर्जरों, नागर और कुषाण राजवंशों के पतन के बाद, 5 वीं ईस्वी के दौरान गुर्जरों ने फिर से सत्ता हासिल कर ली।

6 वीं शताब्दी में ए। डी। जब गुप्त शासन अपने अंतिम चरण में था और उसका पतन आसन्न था और गुर्जरों ने गुप्तों पर अधिकार कर लिया और एक मजबूत गुर्जर साम्राज्य की स्थापना की। वे देश की रक्षा करने लगे और अपनी सर्वांगीण प्रगति के लिए प्रभावी कदम उठाने लगे। 7 वीं शताब्दी के बाद A.D. गुर्जर शासकों ने पूरे उत्तरी भारत पर अपना पूर्ण अधिकार स्थापित कर लिया। इसके बाद गुर्जर शासकों ने कई प्रांतों, शहरों, भव्य इमारतों, मंदिरों और किलों का नाम गुर्जर के नाम पर रखा।

गुर्जर राजाओं को अपने गुर्जर कहलाने में गर्व महसूस होता था। कभी-कभी इस तथ्य की गवाही मिलती थी। 1139 ई। में जो जय सिंह बरह राज को मिला था, उसका एक प्रमाण गुर्जर मंडल का राजा बताया गया है।

Gujjar ko kabu kaise me kare गुज्जर को काबू कैसे करे

राजा पृथ्वी राज चौहान ने अजमेर और दिल्ली के राज्यों को एकजुट किया, जब वह सिंहासन पर चढ़ा। उन्होंने “गुर्जर मंडल” के नाम से एक महासंघ की स्थापना की।
ऐतिहासिक प्रमाणों से, यह स्पष्ट हो जाता है कि राजा मेहरभुजा के शासनकाल के दौरान गुर्जर शासन का बैनर पूरे उत्तर भारत में लहरा रहा था।
गुर्जर शासन के दौरान, गोजरी भाषा को एक आधिकारिक भाषा के रूप में बनाया गया था और सभी आधिकारिक कार्य इसमें किए जाते थे। 9 वीं शताब्दी ईस्वी और इस अवधि के बाद, अरब यात्रियों ने जो गुर्जर इतिहास के बारे में लिखा था, ने इस तथ्य को विकृत तरीके से प्रस्तुत किया क्योंकि उस समय केवल गुर्जर कम्युनिस्ट थे |

गुज्जर गौत्र कितने है ?

Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen सोचने से पहले सभी को गुज्जर गौत्र के बारे में जन लेना चाहिए | आज हम आपको बताएँगे की गुज्जर समुदाय के गौत्र कितने है |

गुज्जर समुदाय के 150 गौत्र है | जिसमे चेची गौत्र, खटाना गौत्र, पोशताल गौत्र, घुरिया ,हरसाना ,अधाना, नागर, बास्टे, दनघस, धूलि, बैसला, दायमा, रियान, मवाई, पायला, चाहर, बोकन, फागना, रजाना, तेडवा, लोहमोड़, छावडी, अवाना, बिदार्वास,मंधार, बहती, समेन इत्यादि का समावेश होता है |

समापन

हमने देखा है की जो लोग बेरोजगार बैठे है और अपना धंधा शुरू करने के लिए वाजपायी बेन्केबल लोन योजना के तहत लोन लिया है और लोन के हप्ते भरने की भी औकात नहीं है वो लोग गूगल में Gujjar Ko Vash Mein Kaise Karen खोज रहे है | अरे भी पहले तू ली हुयी लोन के हप्ते भरने की सोच और फिर बाद में आना किसी दिन खोज लेना की Gurjar Ko Kabu Kaise Kare | चले आते है अपना मुह उठाके ……

Read Also :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *