Patil Ko Kabu Me kaise Kare | पाटिल को काबू में कैसे करे |

By | June 19, 2021

Patil Ko Kabu Me kaise Kare

यदि आपका प्रश्न है की Patil Ko Kabu Me Kaise Kare तो आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको Patil Ko Kabu kaise Kare वो पांच तरीके बताएँगे |

हम सब जानते है की किसी भी व्यक्ति को काबू में करने की नौबत तब आती है जब वो अपनी सीमाँओं को यानी की अपने बुरे कर्मो करने की  सारी हदे पार कर रहा होता है | कोई भी व्यक्ति अगर अच्छाई का कम कर रहा होता है तो कोई उसे काबू में करने की नहीं सोच सकता है |

हां, अच्छा कार्य करने वालो को भी रोका जाता है पर वो यही लोग करते है जो बुरइयो को साथ देता हो | इसलिए किसी भी बुरे कर्मो करने वालो को रोकना अति आवश्यक है, फिर चाहे वो किसी भी समाज का क्यों न हो | क्योंकी यदि उसे बुरे कर्मो करने से उसे अभी नहीं रोका गया तो वो आगे समय बीतने पर और भी ज्यादा बुरे कर्मो करने लगेगा और फिर वो काबू में नहीं आ पायेगा और सभी की बड़ी समस्या बन जाएगी |

यदि आपको और समाज को कोई Patil समाज का व्यक्ति परेशान कर रहा है और आप और पूरा गाव सोच रहा है की इस Patil Ko Kabu Me Kaise Kare तो आज हम पाटिल को काबू में करने के पांच तरीके बताएँगे जिससे पाटिल तो क्या किसी भी समाज का व्यक्ति चाहे फिर वो बड़ा डॉन ही क्यों न हो, वो भी काबू में आ जायेगा | तो आइये जानते है की Patil Ko Kabu kaise Kare ?

patil ko kabu me kaise kare

पाटिल को काबू करने के तरीके 

यदि आपका प्रश्न है की Patil Ko Kaise Kabu Kare ? तो हम किसी भी व्यक्ति को समज जायेगा की आप patil ko kabu mai kaise kare क्यों खोज रहे हो | क्युकी आप किसी भी व्यक्ति को तभी काबू में करने की सोचोगे जब वो व्यक्ति आपको या आपके परिवार या आपके पुरे गाव को परेशान कर रहा होता होगा | और ये व्यक्ति को आज हम कोई पाटिल मानकर चलते है |

वैसे तो पाटिल समाज एक सर्वोच्य समाज है परन्तु समाज में कोई न कोई तो पीड़ादायक होता ही है | क्योकि वो व्यक्ति किसी दुसरे बुरे आदमी की मित्रता कर लेता है और वो दुसरे बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति के गुण मित्रता करने से इस व्यक्ति में भी आ जाते है और एक अच्छा व्यकरी भी बुरी सांगत की वजह से बुरा आदमी बन जाता है और बुरे कर्म करने लगता है | हमने हमारी दूसरी पोस्ट में राजपूत को काबू में करने के भी तरीके बताये है |  वो पढने के लिए यहाँ क्लिक करे | Rajput Ko Kabu Me Kaise Kare

हम सिर्फ पाटिल की बात नहीं कर रहे परन्तु किसी भी समाज का व्यक्ति हो अगर वो व्यक्ति बुरे कर्म करने लगे और सभी को पीड़ा देने लगे तो जाहिर है की उसे काबू में करना बहोत ही आवश्यक हो जाता है| किसी भी बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति या बुरे कर्मे करने वाले Patil Ko kabu Me Kaise Kare वो हमने निचे बताया हुआ है |

  • उस बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति या बुरे कर्म करने वाले पाटिल से बहस न करे | क्युकी बहस करने में आपको वो कभी नहीं जितने देगा |
  • उसकी किसी भी बात में हमेशा मौन रहे |
  • यदि वो आपसे बुरा बर्ताव करता है तो आपके साथ किये हुए बर्ताव का रिकोर्डिंग करले |
  • वो रिकोर्डिंग गाव के अच्छे व्यक्तिओ को बताये और उस व्यक्ति को डाटने को कहे |
  • यदि इस से भी वो काबू में नहीं आता है तो कानून का सहारा ले |
  • उस रेकोर्डिंग के आधार पर उस व्यक्ति के खिलाफ नजदीकी पोलिस स्टेशन में फरियाद लिखवाये |
  • याद रखे आपको उस व्यक्ति से बहस नहीं करनी है या और कानून को भी नहीं तोडना है |
  • पोलिस उसको आपके फरियाद और रेकोर्डिंग के आधार पर उसे मार मार के सीधा कर देंगी |
  • और  ओ व्यक्ति काबू में आ जायेगा |

History Of Patil : पाटिलो का इतिहास.

यदि किसी व्यक्ति ने किसी को काबूमें करने की ठान ली है तो पहले उसका इतिहास जान लेना जरुरी होगा | यदि आपने Patil Ko Kabu Me kaise Kare वो ठान ही लिया है तो हम आज आपको पाटिलो का इतिहास बताएँगे | और ये इतिहास जानकर आप पूरी पाटिल समाज को काबू में करना चाहते हो तो आपके पाटिल का इतिहास जन लेना जरुरी है क्यों की ये जानकार आपके मन से Patil Ko Kabu kaise Kare ? का खयाल निकल ही जायेगा हम उसकी आपको गारंटी देते है |

Rajput Ko Kabu Me Kaise Karen

पाटिल एक जमीनदार जाती है | वो धनगर जाती के अंतर्गत आते है | ये पाटिल जाती केरल, तमिलनाडु, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पाइ जाती है | पाटिल दक्षिण राज्यों की सबसे शक्तिशाली जाती है जो मराठा भी कहलाती है | महाराजा शिवाजी भी इसी पाटिल जाती में ही पैदा हुए थे और पाटिलो को धनगर जाती का एक अंग माना जाता है |

  • छत्रपति शिवाजी महाराज

इस पाटिल को काबू में करना तो उस वक्त भी बहोत ही मुस्की;ल ही गया था | छत्रपति शिवाजी महाराज एक इसे राजा थे जो सबका भला सोचते थे एवं पुरे राज्य की जनता को अपनी जनता मानते थे | वो हमेशा जनता की भलाई में ही कम करते है | छत्रपति शिवाजी को देखकर  कोई भी राजा Patil Ko Kabu Me kaise Kare ? का खयाल भी नहीं रखता था |

दोस्तों पाटिल एक नाम नहीं पाटिल एक ब्रांड है | पाटिल छत्रपति शिवाजी की वीर भूमि पर जन्मे है तो वह किसी से कम नहीं है। बहादुरी उनकी रगों में दौड़ती है इसलिए याद रखें कि पाटिल के साथ कभी गद्दारी ना करें| पाटिल का अर्थ है ग्राम प्रधान जो कि एक भारतीय अंतिम नाम या फिर उपाधि उपनाम है। प्राचीन काल की बात है एक देशमुख देश के अंतर्गत काम करने वाले 1 गांव का प्रमुख हुआ करता था जो कि जिले का भी प्रमुख था पूर्णविराम डेक्कन सल्तनत और मराठा साम्राज्य के अंतर्गत पाटिल गांव के मुखिया और गांव के सबसे बड़े वटदर थे| वह राजस्व के कलेक्टर के साथ-साथ पुलिस व न्याय के प्रमुख भी थे। पाटिल कुंभकरण में खुद के नाम से जाना जाता था। इतिहासकार नेट ने भी लिखा है कि पाटिल और कुलकर्णी एक गांव के थे देशमुख या देशपांडे जिले के थे या फिर परगना। पाटिल ने गांव को बताया तथा ग्रामीण से राजस्व एकत्रित कर इस प्रकार एक पार्टी का परिवार बना जो कि 30 से 40% गांव की भूमि रखता था। पाटिल ने कई गांवों को मिलाकर एक देशमुख को बढ़ावा दिया।

कोंकण में, एक पाटिल को “खोत” कहा जाता था। इतिहासकार नेस लिखते हैं कि “पाटिल और कुलकर्णी एक गाँव के थे, देशमुख या देशपांडे जिले के थे, या परगना”।

पाटिल ने गांवों को बसाया और ग्रामीणों से राजस्व एकत्र किया, इस प्रकार पाटिल परिवार के पास आमतौर पर 30-40 प्रतिशत गाँव की भूमि थी। कई गांवों को उपनिवेश बनाकर एक देशमुख को एक पाटिल ने बढ़ावा दिया। पाटिल गाँव के किसानों और कारीगरों की कई मुफ्त सेवाओं का हकदार था। पाटिल ने सभी गाँव के त्योहारों की अध्यक्षता की, जैसे दशहरा, दिवाली और होली। पाटिल वतन पर मराठा या कुनबी जाति का वर्चस्व था, लेकिन कुछ ब्राह्मण और मुस्लिम भी थे जो इस कार्यालय में थे। यह वतन या तो राजा द्वारा खरीदा गया या दिया गया था।

मराठा साम्राज्य के कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों के पूर्वजों ने महाराष्ट्र के गांवों के लिए वंशानुगत पाटिल अधिकारों को धारण किया। वर्तमान में पुणे जिले में शिवाजी के परिवार के पास पाटीलकी अधिकार थे। [बेहतर स्रोत की आवश्यकता] ग्वालियर के शिंदे शासकों के पूर्वजों ने सतारा जिले के कनहरखेड़ गाँव में इसी तरह के अधिकार रखे थे। इसी तरह सरदार विट्ठल सदाशिव विंचुरकर (दानी) ने चंदवाड़ परगना के विंचूर गांव की पाटिल को पकड़ लिया।

पाटिल को खूबिया 

पाटिल जाती में पैदा होना एक वरदान के बराबर है | पाटी जाती के लोगो की कुछ खूबिया हम आपको बताएँगे |

  • पाटिल समाज के लोग दमदार होते है |
  • पाटिल बहोत ही समजदार और विद्वान होते है |
  • पाटिल बहोत ही खतरनाक जातियों में से एक है |
  • पाटिल समाज के लोग बहोत ही ज्यादा शक्तिशाली पाए जाते है |
  • पाटील अपने वचन पर कभी भी मुकरते नहीं है |
  • वो बहोत ही ज्यादा इमानदार होते है |
  • पाटिल समाज के लोग मित्रता बहोत अच्छी निभाते है |

पाटिल की इन सभी खूबियों को देखकर Patil Ko Kabu Me kaise Kare ? का खयाल आपके मनसे निकल जाना चाहिए |

Patil Ko Kabu kaise Kare

  • पाटिल से सहजता से बात करे |
  • यदि पाटिल ने आपको बिना बात पर डाट दिया है तो उसे सच से अवगत कराइए |
  • हर बात का सही निष्कर्ष निकालिए और पाटिल को बताइए |
  • और यदी फिर भी न माने तो बदला लेना ही सबसे श्रेष्ठ उपाय होगा |
  • यदि आपने ऊपर लिखे हुए सभी तरीके आजमा लिए है तो Patil Ko Kabu kaise Kare का इससे अच्छा तरीका उससे बदला लेना ही उचित और सर्वश्रेष्ठ रहेगा |

Best Status Of Patil Ko Kabu Me Kaise Kare

 कहते है की पाटिल की यारी और सरकारी नौकरी, सिर्फ अच्छे नसीब वालो को ही मिलती है |
अच्छा होगा की कोई गूगल पर ये सर्च ना करे की Patil Ko Kabu Me Kaise Kare, वरना पाटिल उसे खोज कर उसकी खुजली मितायेंगा |
पाटिल लोग बादशाहो के भी बाप है, ईसलिए गुलामो जैसी हरकते नही वो नहीं करते  । पैसे पर फोटो पाटिल का भी हो सकता था, मगर लोगो कि जेब मे रहना पाटिल कि फितरत नही थी |

शेर कभी छुप कर वार नहीं करते , बुज़दिल कभी खुलकर वार नहीं करते ,अरे हम तो Patil हैं , हम तो मरके भी कभी हार स्वीकार नहीं करते |

कौन कहता है  शिवाजी जैसे पाटिल (मराठा) फिर से पैदा नहीं होते , पैदा  तो होते है  मगर बस नाम बदल जाते हैं !!

अरे भूल जा तू तेरा ये ख्याल की Patil Ko Kabu kaise Kare ? || यदि भनक लग गई पाटिल को तो ही अपने काबू में नहीं रहेगा |

लोहा टाटा का,
जूता बाटा का,
छोरा गुर्जर का,
दुनिया में मशहूर है॥

गुर्जर की आह से पानी मे भी अंगारे दहक जाते हैं…
हमसे मिलकर मुर्दों के भी दिल धड़क जाते हैं…
गुस्ताख़ी मत करना हमसे दिल लगाने की कभी…
हम गुर्जर की नज़रों से टकराकर मय के प्याले चटक जाते है ॥

गुर्जर हूँ और दबंग पहचान रखता हूँ,
बाहर शांत हूँ ,अंदर तूफान रखता हूँ,
रख के तराजू मेँ अपने दोस्तोँ की खुशियां,
दूसरे पलडे मेँ अपनी जान रखता हूँ ।।

गुर्जर बादशाहो के बादशाह है,
ईसलिए गुलामो जैसी हरकते नही ।
पैसे पर फोटो गुर्जर का भी हो सकता है,
मगर लोगो कि जेब मे रहना गुर्जर कि फितरत नही॥

जिसे टकराने का शौक है वो टकरा के देख लेँ,
भला आँधियोँ से पहाङ उखङ नहीँ जाते,
इसलिए जरा सँभल कर चला करो हम मतवालोँ से,
हम गुर्जर यूँ ही नहीँ कहलाते ॥

गुर्जर से पंगा नही लेना चाहिए,
क्योकी:- जिन तुफानो मेँ लोगो के घर उजड जाते है,
उन तुफानो मेँ गुर्जर अपने कच्छे सुखाते है ॥

गुर्जर पंजे को कमल बना देते,
गुर्जर काटों को फुल बना देते,
लेकिन ऐकता नही है गुर्जरो में,
नहीं तो अयोध्या में क्या,
पाकिस्तान में भी श्री राम जी की मूर्ति लगबा देते ॥

अनपढ़ गुर्जर पढ़ा जैसा,
और पढ़ा गुर्जर खुदा जैसा – ये गुर्जर ने नहीं कहा ये तो ज़माने ने हमें कहा है ॥

घर अधूरा खाट बिना,
तराजू अधूरा बाट बिना,
राजा अधूरा ठाठ बिना,
देश अधूरा “गुर्जर” के बिना।।

Expalination

यदि ये सब पढ़कर भी आपके मन में ख्याल है की Patil Ko Kabu Me kaise Kare तो हम जन शकते है की आपके साथ किसी पाटिल ने बुरा वर्ताव ही किया होगा | इसलिए आपके प्रश्न Patil Ko Kabu Me kaise Kare का उतर सिर्फ रक ही है की आप भी उसका बदला ले और पाटिल को अपने काबू में करे | यदि आपने पाटिल के आपके साथ बुरा वर्ताव करने पर भी आप कोई निर्णय नहीं ले रहे हो तो आगे भी पाटिल आपके साथ उससे भी ज्यादा बुरा वर्ताव करेगा |

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